घाघरे में जूँ पड़ जाए तो घाघरा नहीं फेंकते : क्या सच में खेती घाटे का सौदा है ?

महेंद्र सिंह भारतीय पुलिस सेवा से निवृत किसान व्यवसायी हैं । वर्तमान में पश्चिमी बंगाल में रहकर खेती करते हैं और सोशल मीडिया पर खेती, खानपान तथा समसामयिक मुद्दों पर खुलकर लिखते हैं । यहाँ आप प्रशनोंत्तर शैली में उनका लेख ‘अगर घाघरे में जूँ पड़ जाए तो घाघरा नहीं फेंकते’ पढ़ सकते हैं : […]

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